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दृष्टिकोण एवं लक्ष्य

वर्तमान समय में जब हम निरंतर परिवर्तित हो रहे रहे विश्व में रहते हैं यह अत्यंत आवश्यक है की हमारी बौध्दिक सम्पदा एवं नवाचारी ज्ञान में अभिवृद्धि होती रहे, क्योंकि यह सिर्फ बौध्दिक सम्पदा ही है, जो मनुष्य और समाज को न सिर्फ शारीरिक, मानसिक एवं वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनाने की छमता रखती है, वरन विपरीत परिस्थितियों में अपने लक्ष्य तक पहुंचने का सम्बल भी देती हैI विद्यार्थियों में इस बौध्दिक सम्पदा की वृद्धि करने हेतु हमारा लक्ष्य है:-
1  विद्यार्थियों को श्रेष्ठतम शिक्षा प्रदान करनाI
2  विद्यार्थियों में उच्च कोटि की रचनात्मकता एवं उद्यमिता को प्रोत्साहन देनाI
3  विद्यार्थियों में कौशल विकास गुणों का सृजन एवं उसे प्रोत्साहन देनाI
4  ज्ञान, सहयोग एवं सहभागिता से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में निखार लानाI
5  ऐसा वातावरण निर्मित करना ताकि विद्यार्थी में नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके एवं विद्यार्थी परिवार, समाज व राष्ट्र का
   जिम्मेदार नागरिक ब
न सकेI